➣ ऐसा कहा जाता है कि लियोनार्डो दा विंची को मोनालिसा के होठों को चित्रित करने में बारह साल का समय लगा।
➣ हाला की मोनालिसा की प्रसिद्धि काफी विखयात है पर इस पेंटिंग का आकार 30x21 इंच का है और इसका वजन केवल 8 किलो है।
➣21 अगस्त सं 1911 में एक इटली का "वीन्सेन्ज़ो पेरूग्गिअ" नामक चोर नये इस पेंटिंग को म्यूजियम से चुरा लिया था और 1913 में यह चोर पकड़ा गया हलाकि 1911 में चुराए जाने के बाद हि यह पेंटिंग इतनी महसूर हुई इससे पहले यह पेंटिंग इतनी महसूर नहीं थी।
➣बाद में यह भी बात सामने आई कि वह चोर एक देशभक्त था और उसने पेंटिंग सिर्फ इसलिए चुराई क्योकि यह पेंटिंग विन्ची ने बनाई थि जो इटली के थे इस लिए उस पेंटिंग को भी इटली में होना चाहिए नाकि फ्रांस में । इस बात के कारण इटली के सरकार ने उसे सम्मानित भी किया।
➣कई लोगो को इस पेंटिंग से प्यार भी हो चूका है जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या तक करली , इसका उद्धरण है जब 1852 में एक ल्यूक मासपरो, नें बिल्डिंक के चौथी मजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उन्होंने अपने सुसाईट नोट में लिखा था की मै मोनालिसा की खुबसूरत से स्माइल से उभर नहीं पर रहा हूँ और मेरे पास आत्महत्या करने के अलावा दूसरा और कोई विकल्प भी नहीं है।
➣शायद आपने ध्यान नहीं दी होगी की पेंटिंग में मोनालिसा की आंखों की पलक और भौरे नहीं है । विन्ची ने पलक और भौरे बनाये थे पर समय के साथ वे गायब हो गई ।
➣मोनालिसा की पेंटिंग का नाम Monna Lisa था पर विन्ची के स्पेलिंग मिस्टेक के करण यह Monalisa होगया , वौसे monna Lisa का इटैलिक में मतलब होता है My Lady
➣ कई बार मोनालिसा की पेंटिंग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गयी। एक व्यक्ति ने तो इस पर तेजाब फेंक दिया था जिससे पेंटिंग को बहुत नुकसान हुआ, इसके बाद वोलिविया के सैलानी ने इस पर पत्थर फेंका. इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर मोना लिसा को बुलेट प्रूफ कांच से ढक दिया गया. यही वजह है कि 2009 में जब एक सैलानी ने पेंटिंग पर मग फेंका को उसे कुछ नुकसान नहीं हुआ।
➣पेंटिंग बनाते वक़्त विंची आउटलाइन नहीं बनाते थे अगर तस्वीर को जूम कर के देखें तो बैकग्राउंड और मोनालीसा के शरीर को अलग करती हुए कोई लाइन नहीं है. इस तकनीक को स्फुमातो कहा गया. और इसी पेंटिंग स्टाइल की वजह से विंची उस समय खूब पॉपुलर हुए।
➣एस्ट्रोलॉजिकल हेरिटेज द्वारा उनको दुनिया का सबसे प्रतिभा शाली व्यक्ति का दर्जा दिया गया था।➣लिओनाडोई डा विन्ची एक ही बार में अपने एक हाथ लिख सकते थे और दुसरे हाथ से चित्र बना सकते थे।
➣ कहा जाता है कि मोनालिसा की पेंटिंग अलग-अलग दिशा से देकने पर अलग अलग नजर आती है मगर यह रहस्य आज भी बहुत पेचीदा रहस्य बना हुआ है।
➣सन 1757 में मोनालिसा की पेंटिंग फ्रांस के लौरे म्यूजियम में पाया गया था लेकिन चौकाने वाली बात यह है के यह पेंटिंग वह पहुची कैसे यह बात आज भी एक रहेसे बन हुआ है।
➣चौकाने वाली तो बात यह भी है की विन्ची एक लेखक भी थे फिरभी उन्होंने अपनी सबसे पसंदीदा पेंटिग का जिक्र कही भी नहीं किया जिसके कारण यह बात आज तक रहस्य है की आखिर इस पेंटिंग में मोनालिसा है कौन
➣एक साधक से यह भी पता चला कि मोनालिसा पेंटिंग में विन्ची ने कुछ शब्द छुपा के लिखे थे जिसका हिंदी में मतलब होता है की "उत्तर यहाँ है" इससे यह भी पता चलता है की विन्ची इस तस्वीर में छिपा मेसेज बताना चाहते थे पर इससे पहले ही वह ईश्वर को प्यारे हो गए
➣हाल में ही एक वेबसाइट "पैरानॉर्मल क्रूसिबल" ने बताया कि मोनालिसा की पेंटिंग में एक एलियन छुपा है यह बात कितनी सच है और कितनी झूठ है इस बात कि अभी तक पुस्टि नहीं हो पाई है परन्तु जब हम मोनालिसा की पेंटिंग को उसके मिरर इमेज से जोड़ते है तो हमें एक एलियन जैसी एक आकृति मिलती है और यह बात तब सोचने पर मजबूर कर देती है कि यह आकृति वही पर बनती है जहाँ पर विन्ची ने लिखा था "उत्तर यहाँ है"।
( Note - ALL THE IMAGES / PICTURES SHOWN IN THE BLOG BELONGS TO BE RESPECTED OWNERS AND NOT ME... I AM THE NOT THE OWNER OF ANY PICTURES SHOWED IN THE BLOG )
FOR MORE SUCH MYSTERIOUS PLACE REFER TO THE FOLLOWING POST:
1.Biggest Unsolved Mysterious Miracles of India
2. Unsolved mysteries of the pyramids of Egypt







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