Biggest Unsolved Mysterious Miracles of India


हमारा भारत एक बहुत ही खूबसूरत देश है। पर ये जितना ही खूबसूरत है उतना ही रहस्यमय भी है। हमारे इस देश ने अपने अंदर कई रहस्मयी घटनाओं के रहस्य अपने अंदर छुपाएँ हुए है ,जिन्हें आज तक किसी ने भी नहीं समझा पाया है, फिर वो क्यों ना साइंस ही हो या आध्यात्मिकता ।चलिए कुछ वैसे ही रहस्मयी घटनाओं को एक्स्प्लोर करते है जिसे कोई नहीं समझा पाया है !!!!!


1. Red Blood in Kerala


    Red Blood in Kerala

    ये घटना उनमें से ही एक है । दिन था 5 जुलाई 2001 और दोपहर का वक्त था लोग अपने अपने कामों में लगे थे रोज़ की ही तरह, पर अचानक से आसमान में बिजली कड़की और अचानक वहाँ पर कुछ ऐसे चीज शुरू हुई जिससे वहां के लोग आश्चर्यचकित हो गए और वह थी "खून की बारिश "। पर ये सब वहाँ के लोगो का मानना था, उस दिन जो अचानक से बारिश शुरू हुई उसका रंग था लाल और बस लाल ही नहीं कई लोगो ने येलो, ब्लू और काले रंग की भी बारिश देखी थी। शुरू -शुरू में साइंटिस्ट को लगा की ये कोई बड़ी बात नहीं है ।ये बस कुछ डस्ट के टुकड़े है जो प्रदूषण के चलते या किसी मेटेओर के चलते बारिश में मिल गई थी।

    साइंटिस्ट फिर उस रेन के सैंपल को लैब में ले जाकर जब इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप से स्टडी किया तो उन्होने पाया की ये कोई मेटेओर की पार्टिकल नहीं है पर ये कुछ किस्म की पार्टिकल है जो ज़िन्दा है ,जी हाँ आपने बिलकुल सही पढ़ा है वो जिंदा पार्टिकल थी ।उसमे जीवन का संचार हो रह था, साइंटिस्ट को वह रेड ब्लड सेल की तरह दिख रही थी जो इंसानी खून में होता है ।साइंटिस्ट ने यह कन्फर्म करने के लिए की वह ज़िन्दा है की नहीं ,उन्होंने उसके डी.एन.ए. की स्ट्रक्चर की एनालिसिस करने की सोची पर असल में उस पार्टिकल के अंदर कोई डी.एन.ए. था ही नहीं पर उसे पार्टिकल की गतिविधियां बिलकुल एक ज़िन्दा सेल के जैसे थी पर उसमे कोई डी.एन.ए. था ही नहीं वह अजीब से "लाइफ विथाउट लाइफ" था ।


    पर साइंटिस्ट इस डिबेट में थे की यह कुछ भी हो सकता है, इस लिए इसके रिसर्च इंटरनेशनल लेवल पे होने चाहिये ताकि और भी एडवांस टेक्नोलॉजी और मशीनों से इसके जाँच हो तो इसके सच्चाई पता चले।यह इतने मिस्टीरियस थे कि सइंटीस्टो ने दस सालों तक लैब में रखा था। 2010 में तो ये सामने आया था की इसमें कोई डी.एन.ए. नहीं था पर 2012 में University of Glamorgan,के "राजकुमार गंगाप्पा " एंड "स्टुअर्ट हॉग " ने अब कई महीनों तक इसकी जांच बारीकी से की तब ये पता चला कि इसमें डीएनए सच-मुच मौजूद था । कई लोगो ने तो यह भी कहा की ये एलियन का काम है, एलियन लाइफ को धरती पर पनपने के लिए भेज रहे है । मैं जनता हुँ इस बात पर कई लोगो को विश्वास नहीं होगा पर साइंटिफिक नज़रिए ये से देखा जाए तो आप सोचिए की इस अन-नोन पार्टिकल जिसे आज तक धरती पे नहीं पाया गया वो अचानक केरला में कहा से आई ।इन्ही सब अन-नोन फैक्ट्स के चले साइंटिस्ट आज तक नहीं समझ पाए है के ये पार्टिकल अचानक धरती पर कहा से आई।


    2. Jatinga Of Assam
      Jatinga Of Assam birds sucide

      जटिंगा, असम में एक बहुत ही खूबसूरत गाँव है इस गाँव में पूरी हरियाली है पर ये अपने हरे-भरे होने के कारण प्रसिद्ध नहीं है ।

      यह एक अजीब सी घटना के लिए प्रसिद्ध है जो की "द सुसाइड ऑफ़ बर्ड्स" है ।यह घटना उसी जगह पर हर साल के सितम्बर से नवम्बर महीने के बीच होती है । इस महीने में बहुत सारी बर्ड्स सुसाइड कर लेते है । सूर्यास्त के बाद सात से दस बजे के करीब हज़ारों बर्ड्स अचानक अपना नियंत्रण खोने लगती है और वे वहाँ के घरों और पेड़ो में जा कर टकरा जाती है । वैसे सुसाइड बर्ड्स वहाँ के लोग उसे कहते है पर हमारी कॉमन सेंस कहती है के ये सुसाइड नहीं है और हम साइंटिफिक वे में कहे तो बर्ड्स का ब्रेन सुसाइडल नहीं होता । वैसे इस दुनिया में ऐसे भी कई सारे क्रिएचर है जिनमे सुसाइड टेन्डेन्सी देखी गई है पर बर्ड्स में ऐसा नहीं होता है इस लिए ये घटना वहाँ के निवासी, साइंटिस्ट और टूरिस्ट को हैरान कर देती है। यहाँ के लोगो का यह मानना है कि कोई भूतिया ताकत है जो बर्ड्स को नीचे गिरा देती है ।बर्ड्स तो दुनिया के हर कोनों में पाई जाती है पर इस तरह की घटना तो और कहीं नहीं देखी गई है, तो ये सिर्फ जटिंगा में ही क्यों होता है? आखिर क्यों कर साल हजारों बर्ड्स मर जाते है कई सइंटीस्टो के तो ये भी मानना है की शाम के समय आसमान में मौजूद सूरज की रोशनी के चलते अपना बैलेंस खो देती है तो कइयों का मानना है कि कोहरे की वजह से ऐसा होता है लेकिन यहाँ पर सवाल यह उठता है की इसे कंडीशन में दुनिया की हर कोने में बर्ड्स रहती है पर वहाँ तो ऐसा कभी नहीं देखा गया । ये सिर्फ जटिंगा में ही क्यों होता है ये घटना भी आज तक संपूर्ण दुनिया के सामने सिर्फ एक रहस्य बन हुआ है।


      3. Bullet Baba (Om Banna)
      Bullet Baba (Om Banna)

      आप में से जो लोग राजस्थान से हो इस बात को जरुर जानते होंगे।

                इस रहस्य को 'ओम बन्ना ' के नाम से भी जाना जाता है ।सन 1988 में राजस्थान के ओम बन्ना नाम के व्यक्ति बुलेट पे सवार अपने ससुराल से घर जा रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश सड़क पे ही एक पेड़ से टकरा गए और घटनास्थल पे ही मौत हो गई। घटनास्थल पे पहुँच कर पुलिस ने उस बुलेट को थाने में ज़ब्त कर दिया लेकिन अगले ही दिन पुलिस कर्मियों को बुलेट थाने से ग़ायब की खबर हुई वह बुलेट अपने आप ही चल कर उसी जगह पर चली गई जहाँ पर ओम बन्ना की मृत्यु हुई थी। पुलिस फिर से बुलेट को थाने ले कर आई लेकिन अगले दिन बुलेट फिर उसी स्थान पर पहुँच गई कई बार ऐसा होने के बाद पुलिस ने उसे गाड़ी को चैन से बांध दिया लेकिन उसके बाद भी बुलेट सबके सामने चालू हो कर अपने मालिक के मृत्युस्थल पे पहुँच गई। ऐसा होने पर वहाँ के लोग और पुलिस वाले चौक गई ।उनके लिए ये चमत्कार से कम नहीं था और वे उस बुलेट को उसी जगह पर छोड़ दिए और आज भी वह बुलेट उसी जगह पर मौजूद है और उसे दिन से आज तक वहाँ पर और कोई दुर्घटना नहीं हुई ।चौकाने वाली बात तो यह है कि वह जगह राजस्थान के सबसे बड़े दुर्घटना क्षेत्रो में से एक था और अब इस बुलेट को लोग भगवान का रूप दे दिए है और इसके दर्शन के लिए लोग दूर दूर से आते है ।

      4. The second birth of Lukti Devi

      The second birth of Lukti devi/santi devi

      शांति देवी जब केवल चार साल की थी तभी से उनको उनके पिछले जन्म की यादें परेशान करने लगी ।दिल्ली में रहने वाली शांति अपने माता-पिता से कहने लगी कि उनका घर मथुरा में है और उनके पति वहाँ उनकी राह देख रहे है लेकिन जब उनकी इस बात को उनके माता-पिता ने नज़रअंदाज़ कर दिया जो ही स्वभाविक था , तब शांति देवी छह साल की उम्र में घर से भाग गई थी मथुरा के लिए जब उनको एक विद्यालय में डाल दिया गया तो वे वहाँ भी सबसे यही कहती कि उनका घर मथुरा में है और उनका मृत्यु एक बच्चे को जन्म देने के दस दिन बाद हो गया था जब इस मसले में उनके अध्यापकों से बात किया गया तब उनका भी यही कहना था कि वे मथुरा के क्षेत्रीय भाषा में बातें करती है और बार बार अपने पति केदारनाथ की बारे में बोलती है।
      स्कूल के हेडमास्टर ने इस घटना में रूचि दिखाई और उन्होंने मथुरा में रह रहे केदारनाथ जिनके पत्नी लुकति देवी की देहांत बच्चे को जन्म देने के 10 दिन बाद हो गया था को ढूंढ निकाला । केदारनाथ और उनके बेटों को दिल्ली बुलाया गाया और सभी को शांति देवी के सामने उनको अलग अलग नाम से पेश किया गया पर शांति देवी ने उन सभी को पहचान लिया उसके बाद शांति देवी ने केदारनाथ को उनके जीवन कि कई सारी घटना के बारे में बताया जिससे केदारनाथ को यह विश्वास हो गया ही शांति देवी उनकी ही पत्नी है जो पुनर्जन्म लेकर आई है।इस घटना ने पूरे विज्ञान जगत में सभी को झकझोर दिया था। महात्मा गाँधी ने इस घटना की जांच करने के लिए एक जांच टीम की गठन की और उनको इस घटना पर पूरी तरह से जांच करने के लिए आदेश दिए । जांच टीम के साथ शांति देवी को मथुरा ले गया गया वे केदारनाथ और लुकति देवी के सभी परिवार वाले को पहचानती थी, और अंत में जांच टीम ने यह निष्कर्ष निकल की लुकति देवी हि ने शांति देवी के रूप में दूसरा जन्म लिया है। यह घटना विज्ञान के सामने कई सारे प्रश्न खड़ा करती है।

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